भर्तृहरि गुफा, उज्जैन

जहाँ परंपरा के अनुसार एक राजा ने मुकुट त्यागकर योगी की धूनी अपनाई

भोगा न भुक्ता वयमेव भुक्तास्तपो न तप्तं वयमेव तप्ताः ।

कालो न यातो वयमेव यातास्तृष्णा न जीर्णा वयमेव जीर्णाः ॥

भर्तृहरि, वैराग्य शतक

भोगों को हमने नहीं भोगा, भोगों ने ही हमें भोग लिया; तप हमने नहीं तपा, हम ही तप गए; समय नहीं बीता, हम ही बीत गए; तृष्णा बूढ़ी नहीं हुई, हम ही बूढ़े हो गए।

भर्तृहरि गुफा उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर, गढ़कालिका मंदिर के समीप स्थित प्राचीन भूमिगत पाषाण-कक्षों का समूह है। परंपरा के अनुसार शतकत्रय के रचयिता और सम्राट विक्रमादित्य के भाई राजा भर्तृहरि ने राजपाट त्यागकर गुरु गोरखनाथ के शिष्य के रूप में यहाँ बारह वर्ष तपस्या की थी। आज इन गुफाओं की देखरेख नाथ संप्रदाय के साधु करते हैं, जो भीतर पवित्र धूनी प्रज्वलित रखते हैं।

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शतकत्रय: कवि के तीन शतक

लगभग सौ-सौ श्लोकों के तीन संस्कृत संग्रह, जिनके कारण भर्तृहरि का नाम अमर है।

  1. नीति शतक

    सदाचार, विद्या, मित्रता, धन और ज्ञानी तथा मूर्ख के स्वभाव की बात करता है।

  2. शृंगार शतक

    प्रेम और सौंदर्य पर, और मन पर उनकी गहरी पकड़ पर ठहरता है।

  3. वैराग्य शतक

    इन सबसे मुँह मोड़कर संतोष, वन-जीवन और शिव-भक्ति की महिमा गाता है।

कवि भर्तृहरि के बारे में पढ़ें

आज का दर्शन-क्रम

समय भारतीय मानक समय में

दर्शन का समय

  • दर्शन / गुफा भ्रमणप्रतिदिन
    सुबह 6:00 से रात 9:00

    कोई आधिकारिक समय-सारणी नहीं मिली। अधिकांश विवरण खुलने का समय सुबह 6 बजे बताते हैं; बंद होने का समय कहीं शाम 7, कहीं 8 और कहीं रात 9 बजे दिया गया है। शाम 6 बजे से पहले पहुँचना उचित रहेगा। भीड़ के दिनों में प्रवेश नियंत्रित किया जा सकता है।

आरती व नित्य क्रम

  • प्रातः आरतीप्रतिदिन
    सुबह 7:30 से सुबह 8:00

    आरंभ का समय केवल एक अनौपचारिक स्रोत से लिया गया है; समाप्ति का समय अनुमानित है। स्थल पर पुष्टि कर लें।

  • सायं आरतीप्रतिदिन
    शाम 5:30 से शाम 6:00

    आरंभ का समय केवल एक अनौपचारिक स्रोत से लिया गया है; समाप्ति का समय अनुमानित है। स्थल पर पुष्टि कर लें।

पर्व, ग्रहण और विशेष अवसरों पर समय बदल सकता है। यात्रा से पहले मंदिर में पुष्टि कर लें।

पूरा समय-क्रम देखें

पूजा व सेवा

ऑनलाइन केवल स्थान सुरक्षित होता है। दक्षिणा मंदिर के काउंटर पर ही दी जाती है, इस वेबसाइट पर कोई भुगतान नहीं लिया जाता।

  • राजा भर्तृहरि की तपस्थली के दर्शन

    श्रद्धालु मुख्य गुफा में उतरकर उस स्थान पर भर्तृहरि की प्रतिमा के आगे शीश नवाते हैं जहाँ उनके तप करने की मान्यता है, और ऊपर की शिला पर बना वह निशान देखते हैं जिसे परंपरा उनके हाथ का पंजा कहती है।

    • दक्षिणा की जानकारी मंदिर काउंटर पर
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  • अखंड धूनी और विभूति

    नाथ साधु गुफा के भीतर पवित्र अग्नि प्रज्वलित रखते हैं। दर्शनार्थी धूनी को प्रणाम करते हैं और उसकी भस्म विभूति के रूप में ग्रहण करते हैं, जिसे पवित्र माना जाता है।

    • दक्षिणा की जानकारी मंदिर काउंटर पर
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  • गुफा के शिवलिंग पर शिव पूजन

    परिसर में एक शिवलिंग, जिसे एक विवरण में नीलकंठेश्वर कहा गया है, की जल, पुष्प और बिल्वपत्र से पूजा होती है। श्रावण के सोमवार और महाशिवरात्रि पर पूजन विशेष रूप से होता है।

    • दक्षिणा की जानकारी मंदिर काउंटर पर
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सभी पूजा व सेवाएँ

वर्ष भर के पर्व

  • चैत्र (मार्च-अप्रैल) और आश्विन (सितंबर-अक्टूबर)

    नवरात्रि

    पास के गढ़कालिका मंदिर में दोनों नवरात्रियों में हज़ारों श्रद्धालु आते हैं और उनमें से बहुत से गुफा तक भी पहुँचते हैं, इसलिए इन दिनों गुफाओं में भीड़ रहती है।

  • कार्तिक मास की पूर्णिमा (नवंबर)

    कार्तिक पूर्णिमा

    शिप्रा स्नान का पर्व। एक मंदिर-सूची के अनुसार इस दिन गुफा पर नाथ संतों का समागम होता है।

  • फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (फरवरी या मार्च)

    महाशिवरात्रि

    वर्ष की प्रमुख शैव रात्रि। इस दिन विशेष पूजन होता है और नाथ साधु गुफा पर एकत्र होते हैं; सँकरी गुफाओं के लिए लंबी कतार की संभावना रहती है।

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चित्र दीर्घा

गुफा के भीतर का अभी एक ही मुक्त-लाइसेंस चित्र उपलब्ध है। शेष चित्र उज्जैन के आसपास के स्थानों के हैं, जैसा हर चित्र के नीचे लिखा है।

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एक राजा ने राज्य के स्थान पर मौन को चुना

यात्रा मार्गदर्शन

भर्तृहरि गुफा, गढ़कालिका मंदिर के पास, शिप्रा नदी तट, उज्जैन, मध्य प्रदेश 456006, भारत

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आने का उत्तम समय
अक्टूबर से मार्च, जब मौसम सुहावना रहता है। सुबह का समय सबसे शांत होता है और गुफाओं के भीतर हवा भी ताज़ा रहती है।
कितना समय रखें
30 से 45 मिनट; भीड़ के दिनों में एक घंटा रखें।
प्रवेश शुल्क
अधिकांश विवरणों के अनुसार निःशुल्क। दान स्वैच्छिक है।
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ऑनलाइन केवल स्थान सुरक्षित होता है। दक्षिणा मंदिर के काउंटर पर ही दी जाती है, इस वेबसाइट पर कोई भुगतान नहीं लिया जाता।